
जिस प्रकार “दशमलव संख्या प्रणाली”/ डेसीमल नंबर सिस्टम में संख्याओं को लिखने के लिए 0-9 तक के दस अंक है|
उसी प्रकार बाइनरी नंबर सिस्टम (द्विआधारी संख्या प्रणाली) में कोई भी संख्या सिर्फ 2 अंको के माध्यम से ही लिखी जाती है, वे दो अंक है 0 और 1|
| डेसीमल | बाइनरी |
| 0 | 0 |
| 1 | 1 |
| 2 | 10 |
| 3 | 11 |
| 4 | 100 |
| 5 | 101 |
| 6 | 110 |
| 7 | 111 |
| 8 | 1000 |
| 9 | 1001 |
| 10 | 1010 |
| 11 | 1011 |
| 12 | 1100 |
| 13 | 1101 |
| 14 | 1110 |
| 15 | 1111 |
- डेसीमल में आधार 10 होता है और बाइनरी में आधार 2 होता है|
- कंप्यूटर बाइनरी गणना पर ही चलता है क्यों की इलेक्ट्रॉनिक्स में किसी भी सिग्नल की चालू या बंद दो ही अवस्था हो सकती है|